ग्वालियर में श्रद्धालुओं पर चलते ट्रक का चढ़ावा, 13 की मौत, 40 घायल
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर की सड़क पर धान लदे एक ट्रक ने करीब डेढ़ बजे रात अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े श्रद्धालुओं को रौंद दिया। एजेंसियों के मुताबिक़ 13 लोगों की मौत हुई और 40 घायल हैं; राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा की है।

ग्वालियर, 18 अक्टूबर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में दर्शन के लिए निकले श्रद्धालुओं पर चलते ट्रक का चढ़ावा जाने वाला हादसा दर्जनों परिवारों का दिन पलट देने वाला साबित हुआ। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ शीतला माता मंदिर सड़क पर करीब डेढ़ बजे रात ट्रक चालक का काबू छूटा और वाहन सड़क किनारे खड़े श्रद्धालुओं में घुस गया। ट्रक में धान भरा हुआ था।
इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई और 40 लोग घायल हुए। घनी रात के अंधेरे में चंद मिनटों में सड़क पर हड़कंप मच गया; लोग अपने-अपने साथियों को ढूंढ रहे थे और घायल सड़क किनारे पड़े थे।
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि मृतकों की गिनती अस्पतालों से मिल रही सूचना के आधार पर बताई गई है। राहत और बचाव का काम रातभर चला और हादसे की जगह पर भीड़ हटाने में मुश्किल आई।
मध्य प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये और घायलों को पचास-पचास हज़ार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
पुलिस की ओर से चालक के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जानकारी तत्काल सामने नहीं आई। हादसे की वजह — तेज़ रफ़्तार, थकान या तकनीकी ख़राबी — इस पर जाँच चल रही है।
राज्य के भीतर इसी तरह की सड़क दुर्घटनाएँ रात के पहर में ख़ासकर तब बढ़ जाती हैं जब तीर्थ यात्रा, मेला या त्योहार के चलते सड़क किनारे लोगों की भीड़ जमा हो। रोशनी का अभाव, सड़क किनारे खड़े वाहन और तेज़ रफ़्तार मालवाहक ट्रक — तीनों बातें ऐसे हादसों की सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आती रही हैं।
ग्वालियर प्रशासन ने घायलों के इलाज और मृतकों के परिवारों तक सहायता राशि पहुँचाने के दावे किए हैं। मृतकों की पूरी सूची और एफ़आईआर की पुष्टि की जानी बाकी है।
(स्रोत: पीटीआई, इंडियन एक्सप्रेस, न्यू इंडियन एक्सप्रेस — 18 अक्टूबर 2026)
नोट: यह रिपोर्ट इस घटना तक सीमित है और एजेंसियों द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है।
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