महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने 11 अक्टूबर को सूखा राहत योजना लागू की। राज्य के 32 ज़िलों में कुल 265 तालुका प्रभावित बताए गए हैं; अक्टूबर में मंत्रिमंडल की समीक्षा के बाद 12 ज़िलों के क़रीब 39-40 और तालुका जोड़े गए।

राहत में क्या शामिल

  • शुल्क में छूट
  • जल-स्रोतों के लिए बिजली और ईंधन पर रियायत
  • सिंचाई से पहले पीने के पानी की आपूर्ति पर ज़ोर
  • राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ़) की मदद मांगी गई

उपमुख्यमंत्री ने 8 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाक़ात कर केंद्र की सहायता का अनुरोध किया। उसी दौर में केंद्र की मूल्यांकन टीम 8 से 11 अक्टूबर तक राज्य के दौरे पर रही।

सरकार का कहना है कि "अगस्त तक पीने की जल-आपूर्ति बनाए रखना पहली ज़िम्मेदारी है।" जल-संग्रह योजना, टैंकर आपूर्ति और गाँव-स्तरीय समितियों के ज़रिये वितरण की निगरानी की जाएगी।

किसान संगठनों का तर्क है कि घोषणाओं के साथ मुआवज़े के भुगतान की गति और ज़मीनी पारदर्शिता ज़रूरी है, वरना सूखा राहत केवल कागज़ तक सीमित रहेगी।

स्रोत: न्यू इंडियन एक्सप्रेस, न्यूज़मिल, राज्य सरकार की अधिसूचनाओं का हवाला।